बीपीओ (बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग) इंडस्ट्री भारत में तेजी से बढ़ते उद्योगों में से एक है. यह सूचना प्रौद्योगिकी सक्रिय सेवा उद्योग का तेजी से विकसित होता क्षेत्र है. बीपीओ का अर्थ सभी क्षेत्रों में आउटसोर्सिंग को विकसित करना होता है. बीपीओ में उपभोक्ता सहायता सेवा, टेलीमार्केटिंग सेवाएं, तकनीकी सहायता सेवा, आईटी कर्मचारी हेल्प-डेस्क, बीमा सेवा, डेटा प्रविष्टि सेवा, डाटा रूपांतरण सेवा, ऑनलाइन रिसर्च सेवा, फार्म प्रोसेस सेवा के साथ ओसीआर स्कैनिंग आदि विभिन्न प्रकार की सेवाएं प्रदान की जाती है .
भारत में बीपीओ करियर में संभावनाएं बीपीओ क्षेत्र में करियर के शुरुआती दौर में आसानी से जॉब हासिल की जा सकती है. अधिकांश बीपीओ कर्मचारियों को घर में ही प्रशिक्षण प्रदान करते है. आमतौर पर, किसी भी विषय में स्नातक के साथ उम्मीदवार बीपीओ कंपनियों में शामिल हो सकते हैं. इनमें किसी भी शैक्षणिक विशेषज्ञता की आवश्यकता नहीं होती और न ही कोई उम्र सीमा. इसके अतिरिक्त कर्मचारियों को परिवहन आदि उत्कृष्ट सुविधाओं के साथ अच्छा वेतन भी प्राप्त होता है. अच्छा वेतन, आकर्षक जीवन शैली व कार्य समय के लचीलेपन के कारण बड़ी संख्या में युवा इस क्षेत्र की ओर आकर्षित हो रहे हैं.
बीपीओ उद्योग के नकारात्मक अंक जिस तरह सिक्के के दो पहलू होते हैं, उसी प्रकार हर क्षेत्र के भी कुछ सकारात्मक और नकारात्मक पहलू होते हैं. एक बीपीओ क्षेत्र में एक करियर चुनने से पहले सकारात्मक और नकारात्मक बिंदुओं के बारे में एक स्पष्ट विचार अवश्य कर लेना आवश्यक है. लंबे समय तक देर रात काम करने की वजह से अक्सर लोग थकाऊ और नीरस महसूस करने लगते हैं. कुछ लोग उच्च शिक्षा, उच्च वेतन बेहतर स्कोप के लिए बीपीओ उद्योग को छोड़ देते हैं. भारत में प्रतिष्ठित बीपीओ कंपनियांबीपीओ उद्योग में बढ़ती संभावनाओं के साथ, कई शीर्ष क्रम सॉफ्टवेयर कंपनियों ने अपने बीपीओ केन्द्र स्थापित किए हैं. वर्तमान परिवेश में बीपीओ उद्योग एक लाभदायक उद्योग है. भारत की कुछ जानी मानी बीपीओ कंपनियां हैं, डब्लयू एन एस ग्रुप, कनवर्जिस, जिन्टा, ईएक्सएल, द्क्ष ई-सर्विस, एचसीएल, जीटीडी लि., एचटीएमटी तथा 24/7 कस्टमर इत्यादि.
ये भारत की उत्कृष्ट कंपनियां हैं, जहां कर्मचारी के आकार, कार्यदक्षता, जॉब संतुष्टि व वृद्धि, वेतन और मुआवज़ा, प्रशिक्षण, कंपनी कल्चर और मूल्यांकन प्रणाली जैसे मानदंडों के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराए जाते हैं.
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शुक्रवार, 20 फ़रवरी 2009
बुधवार, 18 फ़रवरी 2009
अब ग्रैजुएशन के बाद इग्नू से सीधे MBA
इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवसिर्टी (इग्नू) ने एमबीए के लिए ऐडमिशन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब CAT एक्जाम देकर बाहर आते स्टूडेंट्स।यहां एमबीए और दूसरे मैनिजमंट प्रोग्रैम्स में ऐडमिशन के लिए फ्रेश ग्रैजुएट भी अप्लाई कर सकते हैं। अभी तक नौकरीपेशा या तीन साल का अनुभव रखने वाले ही मैनिजमंट प्रोग्रैम में एडमिशन ले सकते थे। ऐडमिशन के लिए होने वाले एंट्रेस टेस्ट में बैठने के लिए ग्रैजुएशन में जनरल कैटिगरी के स्टूडंट को कम-से-कम 50 फीसदी और रिजर्व कैटिगरी के स्टूडंट को 45 फीसदी मार्क्स के साथ पास होना होगा। इग्नू के प्रवक्ता रवि मोहन ने बताया कि जिन छात्रों ने कैट या स्टेट लेवल के किसी एंट्रेस टेस्ट को क्लियर किया है, लेकिन किसी वजह से वहां ऐडमिशन नहीं ले पाए, वे अगर इग्नू से एमबीए करना चाहते हैं तो उन्हें इसके लिए एंट्रेस टेस्ट में बैठने की जरूरत नहीं होगी। ऐसे छात्रों को इग्नू डाइरेक्ट ऐडमिशन दे देगा। एमबीए के अलावा, डिप्लोमा इन मैनिजमंट (डीआईएम), पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा इन मैनिजमंट (पीजीडीआईएम), पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा इन ह्यूमन रिसोर्स मैनिजमंट (पीजीडीएचआरएम), पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा इन फाइनैंशल मैनिजमंट (पीजीडीएफएम), पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा इन ऑपरेशंस मैनिजमंट (पीजीडीओएम) और पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा इन मार्किटिंग मैनिजमंट (पीजीडीएमएम) कोर्सेज के लिए ये नए बदलाव लागू होंगे।
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